युवा शक्ति
युवा शक्ति अब जाग भी जाओ।
सपनो को साकार बनाओ।
क्योंकि उठो राह आसान नहीं हे
ये खाली कोई मैदान नहीं हे
तुम्हे अपनी राह बनानी होगी
कई बार मुह की खानी होगी
कंटक हे राहे तुम्हे चलना होगा
लक्ष्य से नहीं भटकना होगा
गिर जाओ तो खुद ही संभलना होगा
कोई रोके कोई टोके, तुम्हे नहीं रुकना होगा।
देखो देश की आँखों में आज कितने आंसू बहे हे
दुश्मनो के हाथो से सीने कितनी बार छले हे।
दुश्मनो की नापाक हिमाकत बन्द नहीं हो सकती हे
अपने क्रोध की अग्नि से दुश्मन मूल समूल जलाओ।
युवा शक्ति अब जाग भी जाओ।
लो बागडोर अब हाथो में अपने
देखो दिन में ही तुम सपने
और सपनो के लिए समर्पित
करदो कुर्बान शोक भी अपने
नेता बनो। अधिकारी बनो।
डॉक्टर बनो या इंजीनयर।
ध्यान रहे बस देश हो पहले
और देश के लोग हो अपने
अपना धर्म निभाओगे तब
देश का कर्ज चुकाओगे तुम
हिंदुस्तान का नया इतिहास अपने हाथ बनाओगे तुम।
युवा शक्ति अब जाग भी जाओ।
माँ भारती के चरणों में समर्पित।
कलम से
रोहित शर्मा