Saturday, May 06, 2023

मयखाना

दो घड़ी की पनाह भी नसीब ना हुई तेरे दर पर

अगर ये मयखाना ना होता तो कहा जाते

कवि रोहित नागर

माँ माँ ओ माँ ये केसी दिवाली हे

By:-Rohit Sharma(9893444866):- माँ माँ ओ माँ ये केसी दिवाली हे सबके घर उजाला हे, अपनी राते काली हे माँ माँ कितने दिन से पापा का दे...